Klien Sadhna Peeth Trust

मुस्कुराते रहो __________मुस्कुराना या खुल कर हंसना जीवन में अति आवश्यक तथ्य है।दिन भर में कम से कम 2 बार तो खुल कर हंसना चाहिए और मुस्कुराते रहना तो स्वभावगत भी होता है । कुछ लोगों को देखो तो वह अपने आप ही उनका चेहरा पर उदासी या भाव कुछ अटपटे से दिखते है कुछ लोगों के चेहरे हंसमुख दिखाई देते है।यह तो कर्मों के हिसाब से निश्चित रूपरेखा मिलती है।अब जन्म मिलने के बाद हमने जो कामना है वह अपने कर्मों की कमाई से अपने आपको चमकाना चाहिए तो प्रयास होना चाहिए कि हम दिन में 2 बार खुलकर हंसे और मुस्कुराने के लिए हर अच्छे अवसरों को ध्यान में रखे ।सकारात्मक सोच रखे।जिससे आत्मविश्वास पनपने लगेगा और कार्य कुशलता सुनिश्चित हो जाएगी। कुछ अच्छे लोगों से मिलना जिनसे मिलकर खुशी मिलती हो।इस प्रकार से जीवनसुंदर और स्वास्थ्य लाभ भी होता रहेगा।

मुस्कुराते रहो __________मुस्कुराना या खुल कर हंसना जीवन में अति आवश्यक तथ्य है।दिन भर में कम से कम 2 बार तो खुल कर हंसना चाहिए और मुस्कुराते रहना तो स्वभावगत भी होता है । कुछ लोगों को देखो तो वह अपने आप ही उनका चेहरा पर उदासी या भाव कुछ अटपटे से दिखते है कुछ लोगों के चेहरे हंसमुख दिखाई देते है।यह तो कर्मों के हिसाब से निश्चित रूपरेखा मिलती है।अब जन्म मिलने के बाद हमने जो कामना है वह अपने कर्मों की कमाई से अपने आपको चमकाना चाहिए तो प्रयास होना चाहिए कि हम दिन में 2 बार खुलकर हंसे और मुस्कुराने के लिए हर अच्छे अवसरों को ध्यान में रखे ।सकारात्मक सोच रखे।जिससे आत्मविश्वास पनपने लगेगा और कार्य कुशलता सुनिश्चित हो जाएगी। कुछ अच्छे लोगों से मिलना जिनसे मिलकर खुशी मिलती हो।इस प्रकार से जीवनसुंदर और स्वास्थ्य लाभ भी होता रहेगा। Read More »

मित्रता मित्रता एक ऐसा संबंध है जो कसौटी पर तैयार किया गया आभूषण है।मित्र सुच्चा मिल गया तो मानो कुबेर का खजाना मिल गया मित्र खराब मिल गया तो समझ लो कि किसी जनम का पाप ही जाग्रत हो गया जो बदला लेने के लिए सबसे खतरनाक रूप का अवतरण कर लिया ।सच मित्र जा रहेगा आपको अभिभावक से भी ज्यादा ध्यान देगा और कभी कष्ट नहीं होने देगा। खराब मित्र कब आपको खा तौल देगा,कब जलील होना पड़ेगा। कब आपको धोखा से

मित्रता मित्रता एक ऐसा संबंध है जो कसौटी पर तैयार किया गया आभूषण है।मित्र सुच्चा मिल गया तो मानो कुबेर का खजाना मिल गया मित्र खराब मिल गया तो समझ लो कि किसी जनम का पाप ही जाग्रत हो गया जो बदला लेने के लिए सबसे खतरनाक रूप का अवतरण कर लिया ।सच मित्र जा रहेगा आपको अभिभावक से भी ज्यादा ध्यान देगा और कभी कष्ट नहीं होने देगा। खराब मित्र कब आपको खा तौल देगा,कब जलील होना पड़ेगा। कब आपको धोखा से Read More »

यात्रा वृतांत। 14 sep 25 को हम लोग वाराणसी की यात्रा वंदे भारत से किए थे । वाराणसी में काफी ज्यादा परिवर्तन हो चुका है परंतु आनंद प्रकाश पाण्डेय जी और यशस्वी बंधु पाण्डेय जी के साथ हम कई वर्ष के बाद गए थे हम रात के 10 बजे को वहां पहुंचे थे मंदिर में शयन आरती की बिल्कुल शुरुआत ही होने वाली थी वहां हम जब पहुंचे तो विधिवत दर्शन पूजन किया और महादेव के अद्भुद दर्शन किए फिर हमने मां अन्नपूर्णा के दर्शन के लिए आगे बढ़े, हम मां के सामने पहुंचे तो हमारे मुख से अचानक ही निकल पड़ा आपने मां को नथ आज क्यों नहीं पहनाई है । पुजारी गण हमे आश्चर्य भरी नजरों से देखने लगे। खैर उनने हमे अक्षत दिए और हम काल भैरव के दर्शन के लिए आगे बढ़े काल भैरव के दर्शन के बाद हम संपूर्णानंद विश्वविद्यालय श्री s.n. pandey जी के दर्शन के लिए गए वहां से hm वापस आ गए जहां रुके थे लगभग रात्रि के 1.30 हो रहे थे हम भोर ही चल पड़े दर्शन की ओर हमने हिंगलाज मां, धुना,और समाधियों के दर्शन किए । हमने मूंगफली ली और कुछ नाश्ते में लिया और वापस अयोध्या के लिए रवाना हुए । फिलहाल काफी समय बाद हम तीनों ने एक साथ सुकून भरी यात्रा की थी। यह यात्रा आनंद जी के आत्म विश्वास से भरी यात्रा थी।ईश्वर जीवन में अनेकों अवसर दे जब हम इस प्रकार की यात्राओं के साक्षी बने।हर हर महादेव

यात्रा वृतांत। 14 sep 25 को हम लोग वाराणसी की यात्रा वंदे भारत से किए थे । वाराणसी में काफी ज्यादा परिवर्तन हो चुका है परंतु आनंद प्रकाश पाण्डेय जी और यशस्वी बंधु पाण्डेय जी के साथ हम कई वर्ष के बाद गए थे हम रात के 10 बजे को वहां पहुंचे थे मंदिर में शयन आरती की बिल्कुल शुरुआत ही होने वाली थी वहां हम जब पहुंचे तो विधिवत दर्शन पूजन किया और महादेव के अद्भुद दर्शन किए फिर हमने मां अन्नपूर्णा के दर्शन के लिए आगे बढ़े, हम मां के सामने पहुंचे तो हमारे मुख से अचानक ही निकल पड़ा आपने मां को नथ आज क्यों नहीं पहनाई है । पुजारी गण हमे आश्चर्य भरी नजरों से देखने लगे। खैर उनने हमे अक्षत दिए और हम काल भैरव के दर्शन के लिए आगे बढ़े काल भैरव के दर्शन के बाद हम संपूर्णानंद विश्वविद्यालय श्री s.n. pandey जी के दर्शन के लिए गए वहां से hm वापस आ गए जहां रुके थे लगभग रात्रि के 1.30 हो रहे थे हम भोर ही चल पड़े दर्शन की ओर हमने हिंगलाज मां, धुना,और समाधियों के दर्शन किए । हमने मूंगफली ली और कुछ नाश्ते में लिया और वापस अयोध्या के लिए रवाना हुए । फिलहाल काफी समय बाद हम तीनों ने एक साथ सुकून भरी यात्रा की थी। यह यात्रा आनंद जी के आत्म विश्वास से भरी यात्रा थी।ईश्वर जीवन में अनेकों अवसर दे जब हम इस प्रकार की यात्राओं के साक्षी बने।हर हर महादेव Read More »

आत्मनिर्भरता आत्मनिर्भर होना प्रत्येक बालक एवं बालिकाओं के लिए। नितांत आवश्यक है। जब मनुष्य आत्मनिर्भर हो जाता है तो उसको आत्मसंतोष ,मानसिक संतोष,आत्मविश्वास,निर्णायक क्षमता,कार्य कुशलता, व्यक्तित्व का विकास,और उनके पारिवारिक जानो को भी एक प्रकार की निश्चिंतता प्राप्त होती है। चूंकि भारत हमेशा युवान रहा है क्योंकि यहां की वसुंधरा वीरों का भोग करती है। भारत देश में युवाओं की संख्या अधिक है अतः उनका आत्मनिर्भर होना अति आवश्यक है। सर्वप्रथम भारत में धर्मनिरपेक्षता है। परंतु उसमें उत्तरप्रदेश ही एक ऐसा अजूबा क्षेत्र है जहां के युवा बहुत ही कम अवस्था में अपना लक्ष्य सिद्ध कर लेते हो। यहां बालकों का पालन पोषण बहुत शान ओ शौकत से किया जाता है। यही नहीं जब तक विवाह न हो जाए तब तक उनको अपने लक्ष्य का निर्धारण भी नहीं समझ में आता है। और आजकल के युवा पीढ़ी के जो ओछे बालक है वह भीरू प्रवृति के हो चुके है। उन्होंने बाहर पढ़ाई लिखाई के दौरान ऐसी ऐसी फुलझड़ी की दर्शन कर लिए की जा लड़के फेल हो चुके है और बहुत ही जल्द वे अब इतिहास के काले अक्षरों में नामांकित भी कर दी जाएगी।वह सभ्य बालक गण कण पकड़कर तौबा कर ली है। अतः बल्कगण अधिक सतर्क हो चुके है। अब वह आत्मनिर्भर होकर अपने माता पिता को ही देखना चाहते है। अतः हमारी यही सोच है कि आत्मनिर्भर होकर अपने जीवन को सुंदर बनाए सजग रहे।स्वस्थ रहे युवाओं को जय सियाराम और r कोई मार्गदर्शन हो तो अवश्य ले।

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__आत्मनिर्भरता __________आत्मनिर्भरता का तात्पर्य स्वावलंबी होना । अपने बल बूते हो जाना ।आत्मनिर्भरता मनुष्य के अंदर विश्वास और कर्मठता का प्रवाह बनती है।उक्त दोनों ही गुणों से प्रेरित होकर मनुष्य उन्नति के मार्ग पर अवरुद्ध हो जाता है और उसके जीवन में ही नहीं वह जहां कही रहता है वहां सफलता के द्वार खुलने लगते है।जब सफलता आती है तब विश्वास और प्रगाढ़ हो जाता है। ॐ

__आत्मनिर्भरता __________आत्मनिर्भरता का तात्पर्य स्वावलंबी होना । अपने बल बूते हो जाना ।आत्मनिर्भरता मनुष्य के अंदर विश्वास और कर्मठता का प्रवाह बनती है।उक्त दोनों ही गुणों से प्रेरित होकर मनुष्य उन्नति के मार्ग पर अवरुद्ध हो जाता है और उसके जीवन में ही नहीं वह जहां कही रहता है वहां सफलता के द्वार खुलने लगते है।जब सफलता आती है तब विश्वास और प्रगाढ़ हो जाता है। ॐ Read More »

सीखना सीखना जीवन का सबसे बड़ा हिस्सा है। जिसने यह मन में ठान लिए कि हमें जीवन भर सीखना है वह कभी भी वृद्ध नहीं होगा,अहंकार का सफाया रहेगा लेकिन एक बात अवश्य है स्वाभिमान से समझौता भी नहीं करना होगा । ऐसे गुणों का विकास हो चले पूरी कायाकल्प की तैयारी हो जाए इसके लिए जरूरी है कि हमारा कोई एक इष्ट हो ,और उस इष्ट का आराधना में अपना रोज के कुछ समय देते रहे। ॐ

सीखना सीखना जीवन का सबसे बड़ा हिस्सा है। जिसने यह मन में ठान लिए कि हमें जीवन भर सीखना है वह कभी भी वृद्ध नहीं होगा,अहंकार का सफाया रहेगा लेकिन एक बात अवश्य है स्वाभिमान से समझौता भी नहीं करना होगा । ऐसे गुणों का विकास हो चले पूरी कायाकल्प की तैयारी हो जाए इसके लिए जरूरी है कि हमारा कोई एक इष्ट हो ,और उस इष्ट का आराधना में अपना रोज के कुछ समय देते रहे। ॐ Read More »

तलाक की स्थिति से मुक्ति सुखमय जीवनयापन। कुछ स्त्रियां विवाह के पश्चात और कुछ कभी कभी संतान होने के बाद भी दाम्पत्य जीवन में दरारें पड़ने लगती है।ऐसी स्थिति में ज्यादा गलत प्रभाव महिलाओं की स्थिति पर पड़ता है तब सूझ बुझ और धैर्य के साथ डटे रहना चाहिए । भागना नहीं चाहिए। तत्काल प्रभाव से कुंडली का अध्ययन करवाना चाहिए कभी कभी ग्रहों के कारण और कभी संतान की कुंडली में योग होने से भी तलाक का योग बन जाता है।इसके साथ ही साथ महिला पुरुष को कान का कच्चा न होकर धैर्य और साहस से ठंडे दिमाग से कार्य और निर्णय लेना चाहिए। ॐ नमो शिवाय मंत्र का जप निरंतर प्रारंभ करना चाहिए और इसके साथ साथ हो सके तो शिवलिंग पर जल चढ़ाना चाहिए और रात्रि को सोने के पूर्व पूरे परिवार को ध्यान करना चाहिए भोर ही उठकर भगवान का ध्यान रखना स्वयं और पत्नी को भी प्रेरित करना चाहिए । अधिक गड़बड़ी होने पर गुरु मां से संपर्क करे । ॐ

तलाक की स्थिति से मुक्ति सुखमय जीवनयापन। कुछ स्त्रियां विवाह के पश्चात और कुछ कभी कभी संतान होने के बाद भी दाम्पत्य जीवन में दरारें पड़ने लगती है।ऐसी स्थिति में ज्यादा गलत प्रभाव महिलाओं की स्थिति पर पड़ता है तब सूझ बुझ और धैर्य के साथ डटे रहना चाहिए । भागना नहीं चाहिए। तत्काल प्रभाव से कुंडली का अध्ययन करवाना चाहिए कभी कभी ग्रहों के कारण और कभी संतान की कुंडली में योग होने से भी तलाक का योग बन जाता है।इसके साथ ही साथ महिला पुरुष को कान का कच्चा न होकर धैर्य और साहस से ठंडे दिमाग से कार्य और निर्णय लेना चाहिए। ॐ नमो शिवाय मंत्र का जप निरंतर प्रारंभ करना चाहिए और इसके साथ साथ हो सके तो शिवलिंग पर जल चढ़ाना चाहिए और रात्रि को सोने के पूर्व पूरे परिवार को ध्यान करना चाहिए भोर ही उठकर भगवान का ध्यान रखना स्वयं और पत्नी को भी प्रेरित करना चाहिए । अधिक गड़बड़ी होने पर गुरु मां से संपर्क करे । ॐ Read More »

गुरु की महिमा

जब जब भक्तों और देवताओं को मार्गदर्शन की आवश्यकता हुई तब तक देव ऋषि नारद उनके सम्मुख उपस्थित होकर भक्तों का और देवताओं का मार्गदर्शन देते रहे। जिन भक्तों ने देव ऋषि नारद के आदेश का पालन किया उनके बताए पथ का निर्वाह किया, वह भक्तों में श्रेष्ठ हो चुका, जैसे ध्रुव और प्रहलाद तथा देवियों में मां पार्वती श्रेष्ठ हैं,जो की शिव को प्राप्त करने में नारद के बहुत बड़ी भूमिका रही। इसीलिए यह कहा गया है कि सद्गुरु की महिमा अनंत अनंत किया क उपकार। सतगुरुदेव रूह में बैठकर अपने शिष्यों से महान कार्यों को भी संपन्न करवा सकते हैं। ऐसे ही तुलसीदास जी ने गुरुदेव को महिमा मंडल करते हुए लिखा बंदहूं गुरु पद पदम पराग सुरुचि सुवास सरस अनुराग। इसके साथ ही संत के हृदय का वर्णन किया संत हृदय नवनीत समाना। जब भी सद्गुरु की आवश्यकता हो तो उन्हें खोजने की आवश्यकता नहीं पड़ती वह स्वयं ही अपने शिष्य के हृदय में बैठकर उन्हें मार्गदर्शन देते हैं और शिष्य का स्तरश्रेष्ठ हुआ तो स्वयं ही शिष्य के पास पहुंचकर प्रत्यक्ष मार्गदर्शन करते हैं। ऐसे ही गुरु की कृपा से गुरु मां भारती गिरी जी को बाबा कीनाराम के अवतारी परम पूज्य बाबा सिद्धार्थ गौतम राम जी से शक्ति और कृपा की प्राप्ति हुई। बाबा का वरद हस्त जब गुरु मां भारती गिरी की ओर पड़ी तब  वह बाल्याकाल से भक्ति करती रही परंतु बाबा की जब कृपा दृष्टि पड़ी तब वह अपने आध्यात्मिक पथ की ओर तीव्रता से बढ़ने लगी। बाबा अत्यंत दयालु और अंतर्यामी एवं सर्वव्यापक हैं। भक्त उनको कहीं से भी बैठकर अपनी आत्मा से पुकारता है बाबा किसी न किसी रूप में मदद करने को तत्पर वहां उपस्थित हो जाते हैं प्रारंभ में तो अनुभव नहीं हो पता परंतु जब कई बार ऐसी घटनाएं घटित होती हैं तब शिष्य को अनुभव होने लगता है कि आज जो कुछ भी हैं उनकी दया दृष्टि से हैं और बाबा अपने सत्य निष्ठ, एक निष्ठ, ब्रह्म निष्ठ शिष्यों को सफल योनि दीक्षा देकर अध्यात्म का पथ सुगम बना देते हैं। अपने सद्गुरु बाबा सिद्धार्थ गौतम राम को आत्मा से चरण स्पर्श एवं चरण वंदन करते हुए आज वेबसाइट के पहले ब्लॉग का प्रारंभ गुरु मां हेमां भारती गिरी जी के हाथों से हो रहा है। सरकार बाबा, मलिक बाबा, बूढ़ऊ बाबा, अस्थाना बाबा, कालूराम बाबा, मां काली, भैरव बाबा एवं देवाधिदेव महादेव को समर्पित समर्पित करती हूं। जय की ना जय कालू जय काली।

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Life Without Food: A Silent Struggle

Life Without Food: A Silent Struggle Life without food is a concept that many of us may never fully comprehend, yet it is a harsh reality for many people around the world. Food is not just a means of survival; it is an essential part of our daily existence, providing the energy and nutrients needed for growth, development, and mental clarity. When food is absent, the consequences extend far beyond physical hunger. For those experiencing hunger, whether due to poverty, natural disasters, or social inequality, each day becomes an uphill battle. The body begins to weaken, energy levels drop, and a person’s ability to think clearly is compromised. This cycle can quickly lead to severe malnutrition, affecting organs and vital bodily functions. At Klien Sadhna Peeth Trust, we understand the devastating impact that hunger can have on a person’s physical and mental well-being. We believe that access to food is not just a basic need, but a fundamental right that should be available to everyone, regardless of their circumstances. Through our various initiatives and outreach programs, we are working to provide nourishment to those in need, empowering them to lead healthier, more productive lives. Life without food is unimaginable, and it is our collective responsibility to ensure that no one has to experience such hardship. Let us come together to combat hunger, not only by providing food but also by raising awareness and advocating for a world where no one has to go to bed hungry.

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