यात्रा वृतांत। 14 sep 25 को हम लोग वाराणसी की यात्रा वंदे भारत से किए थे । वाराणसी में काफी ज्यादा परिवर्तन हो चुका है परंतु आनंद प्रकाश पाण्डेय जी और यशस्वी बंधु पाण्डेय जी के साथ हम कई वर्ष के बाद गए थे हम रात के 10 बजे को वहां पहुंचे थे मंदिर में शयन आरती की बिल्कुल शुरुआत ही होने वाली थी वहां हम जब पहुंचे तो विधिवत दर्शन पूजन किया और महादेव के अद्भुद दर्शन किए फिर हमने मां अन्नपूर्णा के दर्शन के लिए आगे बढ़े, हम मां के सामने पहुंचे तो हमारे मुख से अचानक ही निकल पड़ा आपने मां को नथ आज क्यों नहीं पहनाई है । पुजारी गण हमे आश्चर्य भरी नजरों से देखने लगे। खैर उनने हमे अक्षत दिए और हम काल भैरव के दर्शन के लिए आगे बढ़े काल भैरव के दर्शन के बाद हम संपूर्णानंद विश्वविद्यालय श्री s.n. pandey जी के दर्शन के लिए गए वहां से hm वापस आ गए जहां रुके थे लगभग रात्रि के 1.30 हो रहे थे हम भोर ही चल पड़े दर्शन की ओर हमने हिंगलाज मां, धुना,और समाधियों के दर्शन किए । हमने मूंगफली ली और कुछ नाश्ते में लिया और वापस अयोध्या के लिए रवाना हुए । फिलहाल काफी समय बाद हम तीनों ने एक साथ सुकून भरी यात्रा की थी। यह यात्रा आनंद जी के आत्म विश्वास से भरी यात्रा थी।ईश्वर जीवन में अनेकों अवसर दे जब हम इस प्रकार की यात्राओं के साक्षी बने।हर हर महादेव