__आत्मनिर्भरता __________आत्मनिर्भरता का तात्पर्य स्वावलंबी होना । अपने बल बूते हो जाना ।आत्मनिर्भरता मनुष्य के अंदर विश्वास और कर्मठता का प्रवाह बनती है।उक्त दोनों ही गुणों से प्रेरित होकर मनुष्य उन्नति के मार्ग पर अवरुद्ध हो जाता है और उसके जीवन में ही नहीं वह जहां कही रहता है वहां सफलता के द्वार खुलने लगते है।जब सफलता आती है तब विश्वास और प्रगाढ़ हो जाता है। ॐ