सीखना सीखना जीवन का सबसे बड़ा हिस्सा है। जिसने यह मन में ठान लिए कि हमें जीवन भर सीखना है वह कभी भी वृद्ध नहीं होगा,अहंकार का सफाया रहेगा लेकिन एक बात अवश्य है स्वाभिमान से समझौता भी नहीं करना होगा । ऐसे गुणों का विकास हो चले पूरी कायाकल्प की तैयारी हो जाए इसके लिए जरूरी है कि हमारा कोई एक इष्ट हो ,और उस इष्ट का आराधना में अपना रोज के कुछ समय देते रहे। ॐ