मित्रता मित्रता एक ऐसा संबंध है जो कसौटी पर तैयार किया गया आभूषण है।मित्र सुच्चा मिल गया तो मानो कुबेर का खजाना मिल गया मित्र खराब मिल गया तो समझ लो कि किसी जनम का पाप ही जाग्रत हो गया जो बदला लेने के लिए सबसे खतरनाक रूप का अवतरण कर लिया ।सच मित्र जा रहेगा आपको अभिभावक से भी ज्यादा ध्यान देगा और कभी कष्ट नहीं होने देगा। खराब मित्र कब आपको खा तौल देगा,कब जलील होना पड़ेगा। कब आपको धोखा से